Bekhayali Lyrics - Movie Kabir Singh

Bekhayali Lyrics - Movie Kabir Singh -

हेल्लो फ्रेंड्स कैसे है आप लोग, दोस्तो आज एक बार फिर मै आप लोगो के लिए ले आया हूं एक न्यू गाने के लिरिक्स ।

दोस्तो मूवी "Kabir Singh" का एक बहुत ही कमाल का गाना लॉन्च हो चुका है । इस मूवी के ट्रेलर ने तो पहले ही धमाल मचा रखा था, और इस गाने के लॉन्च होने से कमाल ही हो गया है ।

अगर बात करे इस गाने के लिरिक्स की तो इसके बोल बहुत ही प्यारे है , जैसा कि हमने ट्रेलर में देख ही लिया है कि फिल्म के हीरो Kabir Singh का प्यार अधूरा रहे जाता है, इसी लिए ये सोंग उसी एहेसास पे है, की हीरो क्या महेसुस कर रहा है ।

आइए अब इस सोंग के बारे में कुछ जान लेते है -

Credits of the song -

Singer - Sachet Tandon

Album - Kabir Singh

Lyrics - Irshad Kamil

Cast - Shahid Kapoor and Kiara Advani

Music Director - Sachet- Parampara

Music Produced by - Kalyan Baruah and Sachet- Parampara

Additional Music Production - Ramee

Acoustic Guitar - Rhythm Shaw

Electric Guitar - Kalyan Baruah

Acoustic Guitars recorded at sound forest studios

Mixed and mastered by Aftab Khan at HeadRoom studios

Mix Assistant - Vatsal Chevli

Music Label - T - Series

फ्रेंड्स आइए अब इस सोंग का लिरिक्स देख लेते है -







Lyrics of the song - Bekhayali Lyrics

बेखयाली में भी तेरा ही खयाल आए
क्यूं बिछड़ना है जरूरी ये सवाल आए
तेरी नजदीकियों की खुशी बेहिसाब थी
हिस्से में फासले भी तेरे बेमिसाल आए

मैं जो तुमसे दूर हूं
क्यूं दूर मै रहूं
तेरा गुरूर हूं
आ तू फासला मिटा
तू ख्वाब सा मिला
क्यूं ख्वाब तोड़ दूं

बेखयाली में भी तेरा ही खयाल आए
क्यू जुदाई दे गया तू ये सवाल आए
थोड़ा सा मै खफा हो गया अपने आप से
थोड़ा सा तुझपे भी बेवजह ही मलाल आए

है ये तडपन है ये उलझन 
कैसे जी लूं बिना तेरे
मेरी अब सबसे है अनबन
बनते क्यूं ये खुदा मेरे 

ये जो लोग बाघ है 
जंगल की आग है
क्यू आग में जलूं 
ये नाकाम प्यार में
खुश है ये हार में
इन जैसा क्यूं बनूं

राते देंगी बता
नींदों में तेरी ही बात है
भूलूं कैसे तुझे
तू तो खयालों में साथ है

बेखयाली में भी तेरा ही खयाल आए
क्यूं बिछड़ना है जरूरी ये सवाल आए

नजर के आगे हर एक मंज़र
रेत की तरह बिखर रहा है
दर्द तुम्हारा बदन में मेरे
ज़हर की तरह उतर रहा है

नजर के आगे हर एक मंज़र
रेत की तरह बिखर रहा है
दर्द तुम्हारा बदन में मेरे
ज़हर की तरह उतर रहा है

आ ज़माने आजमाले 
रूठता नहीं
फसलों से हौसला ये
टूटता नहीं 

ना है वो बेवफा
और ना मै हु बेवफा
वो मेरी आदतों की तरह
छूटता नहीं

फ्रेंड्स ये है इस सोंग के लिरिक्स ।

कमेंट में हमें बताइए आपको ये सोंग कैसा लगा।

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धन्यवाद ।



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